चाँदनी चौक में MCD ने सील की कई दुकानें,क्या व्यापारियों को चुकानी पड़ी व्यापारिक संस्थाओं की लापरवाही की कीमत ?
नई दिल्ली,चाँदनी चौक नागरिक मंच के महामंत्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि यह अत्यंत दुखद है कि आज दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद चाँदनी चौक स्थित कटरा नील में कई दुकानों को सील करना पड़ा।

श्री कपूर ने स्पष्ट किया कि यह सीलिंग कार्रवाई दिल्ली नगर निगम द्वारा स्वयं प्रारंभ नहीं की गई है, बल्कि यह कटरा नील की ही एक निवासी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर पारित आदेश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारी समय पर न्यायालय का रुख करते, तो वे निश्चित रूप से कानूनी राहत प्राप्त कर सकते थे।

श्री प्रवीण शंकर कपूर ने आगे कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के अनुसार कटरा नील का अधिकांश हिस्सा वाणिज्यिक क्षेत्र (कमर्शियल एरिया) घोषित है, और प्रस्तावित मास्टर प्लान 2041 में तो पूरा कटरा नील तथा उसका आसपास का क्षेत्र 100% वाणिज्यिक दिखाया गया है। परंतु यह अत्यंत खेदजनक है कि कोई भी व्यापारिक संस्था सक्षम वकील के माध्यम से यह सच्चाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम तथा शहरी क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा पूरी छूट और अवसर दिए जाने के बावजूद संबंधित व्यापारिक संस्थाएं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सही तथ्य नहीं रख सकीं और न ही कोई राहत प्राप्त कर सकीं।
सक्षम वकील न करने और न्यायालय में अपनी बात सही ढंग से न रखने की व्यापारिक संस्थाओं की लापरवाही की कीमत आज कटरा नील, चाँदनी चौक के कुछ व्यापारियों को चुकानी पड़ी है, जब उनकी दुकानें सील की गई हैं।
यह अपने आप में पहला मामला है, जहाँ तथाकथित भ्रष्ट कहे जाने वाले एमसीडी अधिकारियों ने पूरा अवसर दिया, फिर भी व्यापारियों ने स्वयं न्यायालय से राहत प्राप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया।

