रिश्वतखोरी और जबरन वसूली मामले में MCD का JE ‘भगोड़ा’ घोषित ,कोर्ट ने 10 अगस्त के लिए जारी किया समन
संदीप शर्मा
दिल्ली नगर निगम(MCD) को सियासी बयानबाजी में मोस्ट करप्ट डिपार्टमेंट की संज्ञा दी जाती है । वैसे तो निगम के सभी विभाग भ्र्ष्टाचार की बीमारी से ग्रसित हैं लेकिन बिल्डिंग विभाग तो सबसे ज़्यादा बदनाम है । इस विभाग के आतंक से पूरी दिल्ली त्रस्त है । दिल्ली में अवैध निर्माण की जननी है बिल्डिंग विभाग । इस विभाग को चढ़ावा चढ़ाये बगैर कोई एक ईंट नहीं लगा सकता । भ्र्ष्टाचार के एक ऐसे ही मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Courts) के विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के सिटी एसपी ज़ोन (City S.P. Zone) के जूनियर इंजीनियर (भवन विभाग) नवदीप खत्री को ‘भगोड़ा’ (Absconder) घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नवदीप खत्री को आगामी 10 अगस्त 2026 को अदालत के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया है।

दो महीनों से फरार है आरोपी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) रिश्वतखोरी और जबरन वसूली (Bribery Extortion) के एक मामले में पिछले दो महीनों से भी अधिक समय से जूनियर इंजीनियर नवदीप खत्री को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, आरोपी लगातार अपनी गिरफ्तारी से बच रहा है और जांच में सहयोग न करते हुए फरार चल रहा है।
लगातार प्रयासों के बाद भी जब आरोपी कानून की गिरफ्त में नहीं आया, तब जांच एजेंसी ने कोर्ट का रुख किया। इसके बाद विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपी जेई को भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि नवदीप खत्री ने नगर निगम के अपने अधिकार क्षेत्र में भवन निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की आड़ में रिश्वत और अवैध उगाही (जबरन वसूली) की मांग की थी। सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद आरोपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि इसके बाद कानूनन उसकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।
अदालत ने अब आरोपी को 10 अगस्त 2026 को अदालत के सामने पेश होने का आखिरी मौका दिया है।

