चार साल से लटकी प्रोबेशन की तलवार:शिक्षा विभाग की मनमानी से शिक्षक परेशान
संदीप शर्मा
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के रोहिणी ज़ोन में नवम्बर और दिसम्बर 2021 में नियुक्त हुए शिक्षक पिछले चार वर्षों से भारी मानसिक तनाव झेल रहे हैं। इन शिक्षकों का आरोप है कि दो साल का प्रोबेशन पीरियड अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।

रोहिणी ज़ोन के एक शिक्षक ने *एनकेएम न्यूज़* से संपर्क कर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया, *”हमने यह नौकरी दो साल की प्रोबेशन शर्तों के साथ शुरू की थी, लेकिन अब चार साल हो गए, फिर भी न कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है और न ही कोई कार्रवाई हो रही है। यह सब शिक्षा विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही का नतीजा है।”*
बताया जा रहा है कि दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग में अनियमितताओं का बोलबाला लंबे समय से चला आ रहा है। हाल ही में शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर भी कई गड़बड़ियाँ उजागर हुई हैं। कई शिक्षकों ने विभाग पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।
इतना ही नहीं, प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर भी विभाग की नीतियों पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल नहीं हो पाएगा।
वहीं दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के एलावा चौकीदार भी परेशान हैं । इनका कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते उन्हें बंधुआ मजदूर बना दिया गया है । उनके काम के कोई घन्टे नियत नहीं हैं ।
दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति की जिम्मेदारी संभालने जा रहे वरिष्ठ पार्षद योगेश वर्मा का कहना है कि शिक्षक और कर्मचारियों से जुड़ी सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा और जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
यह भी उल्लेखनीय है कि लगभग ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद अब जाकर निगम की 12 विशेष समितियों, 11 तदर्थ समितियों और शिक्षा समिति का गठन होने जा रहा है। इन समितियों के अभाव में निगम अधिकारियों ने निरंकुश होकर कार्य किया, जिसका खामियाजा न केवल कर्मचारियों को बल्कि आम जनता को भी भुगतना पड़ा।

