दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे हज़ारों कार्यकर्ता और दिग्गज नेता

नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में निषाद पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं 10वाँ स्थापना दिवस ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज की एकजुटता और शक्ति का विराट दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में पहुंचे मछुआरा समाज के लोगों ने यह संदेश दिया कि अब उनकी आवाज़ कोई दबा नहीं सकता। कार्यक्रम में विभिन्न सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में समाज के हक़ अधिकार की लड़ाई में अपना पूरा समर्थन देने का संकल्प दोहराया।

स अवसर पर ओम प्रकाश राजभर (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी एवं मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार) ने कहा – “आज डॉ. संजय निषाद जी ने ताल किनारे रहने वाले समाज को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एकजुट कर अपनी गिनती करवाने का काम किया है। जो लोग कभी मछुआ समाज को किसी गिनती के लायक नहीं समझते थे, वही आज उत्तर प्रदेश और देश में निषाद समाज की गिनती करने लगे हैं। निषाद समाज को कमजोर समझा जाता था, परंतु निषाद पार्टी ने मात्र 10 साल के इतिहास में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली पार्टी होने का गौरव अर्जित किया है।
मछुआ समाज ने प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराया था, और आज वही समाज उत्तर प्रदेश की राजनीति का भविष्य लिखने जा रहा है। PDA का नारा देने वाले न

ेताओं ने वास्तव में पिछड़ी और अनुसूचित जातियों को लूटने का काम किया है, जिसमें निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, भर, राजभर, पटेल, कुर्मी और जाट भी शामिल हैं। 70 वर्षों से कांग्रेस, 19 वर्षों तक सपा और बसपा ने हमारी जातियों को दूध में मक्खी की तरह फेंक दिया। लेकिन आज दिल्ली में निषाद पार्टी का लाल झंडा लहराना इस बात का संकेत है कि अगर समाज को हक़-अधिकार नहीं मिलेगा तो लखनऊ की विधानसभा० का भी घेराव किया जाएगा।”
आशीष पटेल  (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपना दल (एस) एवं मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार) कहा – “आज तालकटोरा स्टेडियम में रैली नहीं, बल्कि मछुआ समाज का रेला आया है। यह उत्साह और भीड़ ही डॉ. संजय निषाद जी की असली ताक़त है। समाज अब डरने वाला नहीं है और यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। निषाद पार्टी अब अकेली नहीं है, हम सभी सहयोगी दल उनके साथ खड़े हैं। डॉ. संजय निषाद जी इलेक्ट्रो होम्योपैथी से मीठी गोली देकर इलाज करते आए हैं, लेकिन अब उन्हें आरक्षण विरोधियों का पक्का इलाज करना होगा। आज मंच पर मौजूद RLD, सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) ही असली PDA है। सत्ता की चाबी अब इन्हीं चारों दलों के पास होगी।”
चेतन चौहान  (राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय लोकदल एवं सांसद बिजनौर) ने कहा –“किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह जी और स्वर्गीय अजीत सिंह जी ने हमेशा किसानों और पिछड़ों के हक़ की लड़ाई लड़ी थी। आज डॉ. संजय निषाद जी वही लड़ाई लड़ रहे हैं। मछुआ समाज ने दिल्ली में जिस एकजुटता का प्रदर्शन किया है, वह ऐतिहासिक है। राष्ट्रीय लोकदल और हमारे अध्यक्ष श्री जयंत चौधरी जी पूरी मजबूती से आपके साथ खड़े हैं। हम निषाद पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”


*डॉ. संजय कुमार निषाद (कैबिनेट मंत्री, मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, निषाद पार्टी)* ने अपने संबोधन में कहा – “आज का यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प और एकता का प्रतीक है। दस साल पहले जब निषाद पार्टी की नींव रखी गई थी, तब समाज की आवाज़ उठाना कठिन था। लेकिन आज निषाद पार्टी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में मछुआरे, बिंद, केवट, मल्लाह, कुंवर, गोंड, कश्यप और अन्य मेहनतकश समाजों की सशक्त आवाज़ बन चुकी है। हमारे समाज का सबसे बड़ा मुद्दा है – आरक्षण और संवैधानिक अधिकार। यह हमारी पीढ़ियों का सपना है और हम इसे हर हाल में पूरा करके रहेंगे। जब तक समाज को उसका हक़ नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई चलती रहेगी। यह मेरा वादा है कि चाहे जितना समय लगे, चाहे कितनी कठिनाइयाँ आएँ – आरक्षण मिलेगा ही, आज नहीं तो कल मिलेगा। हमें याद रखना होगा कि संविधान ने हर समाज को बराबरी और न्याय का अधिकार दिया है। लेकिन 70 साल से कांग्रेस, और उत्तर प्रदेश में 19 साल तक सपा-बसपा ने भेदभाव की राजनीति करके हमें हमारे हक़ से वंचित रखा। अब यह अन्याय ज़्यादा दिन नहीं चल पाएगा। मैं समाज से कहना चाहता हूँ कि – लड़ाई केवल दिल्ली या लखनऊ तक सीमित नहीं है, यह लड़ाई हर गाँव, हर गली और हर घर तक पहुँचेगी। अगर समाज संगठित रहेगा तो कोई ताक़त हमें हमारे संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं रख सकती। आरक्षण की लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं है – यह पूरी मछुआरा बिरादरी की लड़ाई है। हम सबको एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है। आज इस विराट जनसमूह ने यह साबित कर दिया है कि मछुआरा समाज अब किसी भी कीमत पर अपने हक़ और अधिकार से समझौता करने वाला नहीं है। जब समाज दिल्ली तक आ सकता है तो लखनऊ की विधानसभा का घेराव भी कर सकता है। हमें अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करना है और आने वाली पीढ़ियों को एक मज़बूत भविष्य देना है।”

डॉ संजय निषाद  ने इस अवसर पर निषाद पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में उतरने की आधिकारिक घोषणा भी की।

उन्होंने मंच से यह आह्वान किया – “समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा, एकता में ताक़त है, संगठन मजबूत होगा तभी हम मजबूत होंगे।” डॉ. संजय निषाद ने यह भी कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं से संकल्प लेने को कहा कि वे जाति, बिरादरी और क्षेत्रीय बंटवारे से ऊपर उठकर अपने समाज की ताक़त को संगठित करेंगे और अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करेंगे।
इस दौरान ई० प्रवीण निषाद, मालती देवी निषाद, एसके तोमर, अनिल निषाद, रघुराई निषाद, कमलेश निषाद, रविन्द्र मणि निषाद, मिठाई लाल निषाद, जनकनंदनी निषाद, बाबू राम निषाद, व्यास मुनि निषाद, संजय सिंह, बाबूलाल केवट, बेलस निषाद, महेंद्र निषाद, हरिओम निषाद, राकेश निषाद, अजय सिंह, सुमित सिंह, वीरेंद्र ढाडा, बैजान ककाटी, संजय शुक्ला, हरि प्रसाद निषाद, डॉ अमित निषाद आदि राष्ट्रीय पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।

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